The Role of Psychology in Transfer of learning

Students Counseling
SAR Report

अधिगम स्थानान्तरण के क्षेेत्र में मनोविज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। अध्यापक इस तथ्य को अच्छी तरह से जानते है कि एक अधिगम क्षेत्र से चिन्तन, अनुभूति, आदतों, ज्ञान, या कौषलों को दूसरे क्षेत्र में प्रयोग करना अधिगम का स्थानान्तरण कहलाता है। अधिगम का स्थानान्तरण कितना होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पूर्व अधिगम की दषाएँ व मात्रा कैसी व कितनी थी? यदि अध्यापक की अनुदेषन प्रक्रिया विधार्थियों को प्रत्ययों तथा अन्य सूचनाओं को अच्छी तरह से समझाने में सफल होती है तो अधिगम अन्तरण की संभावना अधिक हो जाती है। यदि विधार्थियों को विषय.सामग्री के संगठन, वर्गीकरण, अनुक्रियाएँ करने तथा सूचना आदि में आवष्यक अनुदेषन दिया जाए तो स्थानान्तरण आसानी से होता है। मनोविज्ञान अधिगम के स्थानान्तरण हेतु अनुदेषन दषाओं से भी परिचित कराता है। यदि विधार्थी किसी समस्या को महत्वपूर्ण मानते है। तो उसे निर्मित किया जाए। विधार्थियो को प्रतिपुषिट, सूचनाओं के रूप में देना, जिससे कि वो अपनी सीखने की विधि एवं अनुक्रियाओं की पर्याप्तता की जाँच कर सके। कक्षा में ऐसी परिसिथतियाँ उत्पन्न की जाए जिनमें अर्जित ज्ञान कौषलों व योग्यताओं का उपयोग का अवसर मिलें। स्थानान्तरण में वृद्वि के लिए अधिगम की मात्रा बढाते हुए षिक्षक पुनरावलोकन, मुख्य समस्याओं पर चर्चा, डि्रल, अनेक नयी परिसिथतियों में सामग्री याद करना आदि प्रविधियों का प्रयोग कर आवष्यकता के अनुसार अधिगम सुनिषिचित कर सकते है षिक्षा मनोविज्ञान वैयकितक भेद, षिक्षण विधियों, अनुषासन, विधार्थी विकास, अभिप्रेरणा, दिषा, कक्षागत संगठन, विषय सामग्री और उसका गठन, छात्रों की प्रगति की ओर संकेत करता है।

Meenakshi Sharma