समय ही धन है।

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समय ही सबसे बड़ा धन है। यह जब खर्च हो जाता है तो वापस लौटकर नहीं आता। रूपया, जमीन-जायदाद सभी मनुष्य को पुनः प्राप्त हो जाते है पर गुजरा हुआ समय कभी वापस नहीं आता। समय के बारे में एक सामान्य कहावत है कि समय और ज्वार-भाटा कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करते। यह बिल्कुल पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व की तरह ही सत्य है अर्थात् जिस तरह से पृथ्वी पर जीवन का होना सत्य है ठीक उसी तरह से यह कहावत भी बिल्कुल सत्य है। समय बिना किसी रूकावट के निरन्तर चलता रहता है । यह कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। इसलिए हमें जीवन के किसी भी दौर में कभी भी अपने कीमती समय को बिना किसी उद्देश्य और अर्थ के व्यर्थ नहीं करना चाहिए। हमें समय के अनुसार समयनिष्ठ रहना चाहिए और सभी कामों को समय के साथ करना चाहिए। यदि हम अपनी दैनिक दिनचर्या को समय पर नहीं करेंगे तो हम जीवन में दूसरे लोगों से पीछे रह जाएगें यदि हम जीवन में कुछ बेहतर करना चाहते है तो इसके लिए उचित प्रतिबद्धता, लगन और समय के पूरे उपयोग की आवश्यकता है ताकि हम समय से धन्य हो न कि नष्ट हो।

नलिनी शर्मा