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क्रियात्मक अनुसन्धान वार्षिक रिपोर्ट
सत्र – 2016-17

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अनुसन्धान कार्य की आवश्यकता है। अनुसंधान एक उद्देश्यपूर्ण एवं सविचार प्रक्रिया है इसका उद्देश्य ज्ञान को बढ़ाना और परिमार्जित कर उपयोगी बनाना है। क्रियात्मक अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यवहारिक कार्यकर्त्ता वैज्ञानिक विधि से अपनी समस्याओं का अध्ययन अपने निर्णय और क्रियाओं में निर्देशन, सुधार और मूल्याकंन करते है। क्रियात्मक शोध के माध्यम से शिक्षक अपने स्तर पर भी शैक्षणिक कार्य में आने वाली समस्याओं का समुचित समाधान कर सकते हैं जिससे विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। क्रियात्मक शोध के द्वारा शिक्षण कार्य के दौरान समस्या का चयन व समाधान की दिशा में कार्य किया जाता है। इसलिए हमारा कर्त्तव्य यह है कि सभी क्रियात्मक शोध के प्रति जागरूक हो। 
इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सत्र 2016-17 में बियानी गर्ल्स बी.एड. कॉलेज की व्याख्याताओं द्वारा क्रियात्मक अनुसंधान पर अपने-अपने शोधपत्र प्रस्तुत किये गये। व्याख्याताओं द्वारा शोधपत्र में प्राकल्प शीर्षक, अनुसन्धानकर्त्ता, पृष्ठभूमि, प्रस्तावित अनुसन्धान के उर्त्ता, पृष्ठभूमि, प्रस्तावित अनुसन्धान के उर्त्ता, पृष्ठभूमि, प्रस्तावित अनुसन्धान के उद्देश्य, प्राकल्प का महत्त्व, समस्या का क्षेत्र, समस्या का विशिष्ट रूप, समस्या के तथ्यों का विश्लेषण, क्रियात्मक परिकल्पना, क्रियात्मक परिकल्पना की सार्थकता के लिए रूपरेखा, मूल्याकंन आदि का उल्लेख किया गया। व्याख्याताओं द्वारा किये गये अनुसंधान कार्यो में समायोजन सम्बन्धी विषय में छात्रों के महाविद्यालयी क्रियाकलापों का निरीक्षण शिक्षक द्वारा किया गया तथा जिसके अन्तर्गत छात्रों में समस्या पाई गयी। समायोजन ना करने के कारणों को कम करके छात्रों को विषयान्तर्गत जागरूक किया गया तथा आवश्यक सुधार लाया गया। छात्रों की रूचियों को ध्यान में रखते हुए फीडबैक लिया गया तथा रूचि व आवश्यकतानुसार सुधार कार्य किया गया। हिन्दी विषयान्तर्गत अशुद्धि सुधार कार्य करवाया गयां इतिहास विषय के अन्तर्गत छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों तथा पुस्तकों व वंशावली सम्बन्धी जानकारियाँ उपलब्ध करवायी गई जिससे छात्रों का इतिहास विषय में रूझान बढ़ा। भूगोल विषय में प्रायोगिक उपकरणों के उपयोग के विषय में छात्रों को अधिकाधिक जानकारी उपलब्ध करवाई गई जिससे छात्र उपकरणों का उपयोग कर सके। जीव विज्ञान विषय की प्रयोगशाला सम्बन्धी समस्याएँ व अरूचि छात्रों में पाई गयी। शिक्षक द्वारा छात्रों को विषयान्तर्गत जागरूक करके प्रयोगशाला सम्बन्धी सुधार कार्य किये गये जिससे छात्रों की रूचि को बढ़ावा मिला। छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालय पुस्तकालय में अध्ययन करने में अरूचि की प्रवृत्ति को कम करके अधिकाधिक अध्ययन करने की प्रवृत्ति पर जोर दिया गया तथा छात्रों में अनुशासनहीनता की बढ़ती हुई प्रवृत्ति में सुधार लाने के लिए छात्रों में जीवन मूल्य व नैतिक शिक्षा से सम्बन्धी जानकारी से अवगत कराया गया। 
पाठ्यक्रम के साथ-साथ सामुदायिक गतिविधियाँ भी छात्रों द्वारा समय-समय पर महाविद्यालय में करवायी गई। गणित विषय में छात्रों की कमजोरियों का पता लगाकर अतिरिक्त कक्षा का प्रावधान किया गया । अंग्रेजी विषय में सम्प्रेषण की समस्या के लिए भी छात्रों को अतिरिक्त कक्षाएँ करवाई गयी। इसके अतिरिक्त सा0 विज्ञान विषय से सम्बन्धित शैक्षणिक भ्रमण के लिए छात्रों को ले जाया गया जिससे छात्रों की रूचि को पाठ्यक्रम तथा अध्ययन के लिए बढ़ाया गया। 

शोधपत्र जो प्रस्तुत किये गये उनका विवरण इस प्रकार है:-

क्र0 सं0 शोधकर्त्री क्रियात्मक अनुसंधान का शीर्षक
1  डॉ. शिप्रा गुप्ता   उच्च प्राथमिक स्तर के छात्रों में समायोजन की समस्या
2  श्रीमती मालती सक्सेना   छात्रों में रूचि का न होना
3  श्रीमती सुनीता कु0 शर्मा   हिन्दी के छात्रों द्वारा लेखन में मात्रा से सम्बन्धित अशुद्धियों को दूर करने के लिए अध्ययन
4  श्रीमती सरिता पारीक   छात्रों में अनुशासनहीनता की बढ़ती हुई प्रवृति में सुधार लाने के प्रति अध्ययन
5  श्रीमती सुनीता शर्मा   इतिहास विषय के छात्रों द्वारा विद्यालय में चार्ट वंशावली का संतोषजनक उपयोग न करने की प्रवृति का अध्ययन
6  श्रीमती तृप्ति सैनी   छात्रों के द्वारा भूगोल विषय के प्रायोगिक उपकरणों के उपयोग की समस्या
7  श्रीमती आरती गुप्ता   कक्षा -11 के जीव विज्ञान के विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की प्राणी विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष में प्रयोग करने में अरूचि की प्रवृति
8  श्रीमती भारती शर्मा   विद्यार्थियों को प्रयोग के दौरान उपकरणों का सन्तोषजनक पूर्वक उपयोग न कर पाना
9  श्रीमती मुकेश कुमारी   छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालय पुस्तकालय में अध्ययन करने में अरूचि की प्रवृति का अध्ययन करना
10  श्री मनीष सैनी   छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालयी सामुदायिक गतिविधियों में अरूचि दिखाना
11  श्रीमती मीनाक्षी शर्मा   सामाजिक विज्ञान के विषय से सम्बन्धित शैक्षणिक भ्रमण में छात्रों द्वारा अरूचि न लेना
12  श्रीमती नीलम कुमारी   छात्रों में अनुशासनहीनता की बढ़ती हुई प्रवृति में सुधार लाने की प्रवृति का अध्ययन करना
13  श्रीमती मोनिका भारद्वाज   छात्र-छात्राओं के द्वारा भूगोल के प्रायोगिक कार्यो में अरूचि दिखाना
14  श्रीमती पिंकी शर्मा   छात्रों के द्वारा त्रिकोणमितीय सूत्रों का उपयोग नहीं करना
15 श्रीमती नलिनी शर्मा  छात्रों का खेल के कालांश में विद्यालय से भाग जाना
16 श्रीमती पुष्पा कुमावत  अंग्रेजी के छात्रों द्वारा अंग्रेजी में सम्प्रेषण का संतोषजनक प्रयोग न करना
17 श्रीमती रंजना पारीक भूगोल विषय में प्रश्न पूछने पर छात्रों का उत्तर न देना।