सफलता

सफलता

सदा मुस्कुराना और सबको प्यार करना

गुणीजनों का सम्मान पाना

बच्चों के दिल में रहना

सच्चे आलोचकों से स्वीकृति पाना

झूठे दोस्तों की दगाबाजी को सहना

खुबसूरती को सराहना

दूसरों में खूबियां तलाशना

किसी उम्मीद के बिना

दूसरों के लिए खुद को अर्पित करना

उत्साह के साथ हंसना और खेलना

मस्ती भरे तराने गाना

इस बात का एहसास कि

, आपकी जिंदगी ने किसी एक व्यक्ति का

जीवन आसान बनाया

यही  सच्ची सफलता है।

सफलता सिर्फ एक संयोग नहीं है। यह हमारे नजरिए का नतीजा है और अपना नजरिया हम खुद चुन सकते हैं। इसलिए सफलता चुनाव की बात है लेकिन ज्यादातर बेवकूफ इंसान किसी लॉटरी के लगने का इंतजार करते रहते हैं। पर क्या उससे कामयाबी मिल सकती है सफलता और असफलता के विषय पर बहुत खोज हुई है। जरूरत है तो हमें इतिहास से कुछ सीखने की जब हम सफल व्यक्तियों की जीवनी ऊपर नजर डालते हैं तो पता चलता है कि सभी में निसंदेह मिलते-जुलते कुछ खास गुण हैं। चाहे वह किसी भी युग के रहे हो। सफलता हमेशा अपने निशान छोड़ देती है और अगर हम इन निशानों को पहचान ले और सफल व्यक्तियों के गुणों को अपने जीवन में अपना ले तो हम भी सफल हो जाएंगे। इसी तरह से सभी सफल व्यक्तियों के दुर्गुण भी मिलते जुलते होते हैं अगर हम ऐसे व्यक्तियों के दुर्गुणों से दूर रहे तो हम असफल नहीं होंगे। सफलता कोई अजूबा नहीं है। यह तो सिर्फ कुछ बुनियादी उसूलों का लगातार पालन करने का नतीजा है। इसका उल्टा भी उतना ही सही है। असफलता सही मायनों में कुछ गलतियों को लगातार दोहराने का नतीजा है। यह सब सुनने में बहुत आसान सा लग रहा होगा लेकिन हकीकत यही है कि सच्चाई हमेशा सरल होती है।

सिर्फ जिंदगी ना गुजारोजीओ।

सिर्फ छुओ नहीं महसूस करो।

सिर्फ देखो नहीं गौर करो।

सिर्फ पढ़ो नहींजीवन में उतारो।

सिर्फ सुनो नहीं ध्यान से सुनो।

सिर्फ ध्यान से ही ना सुनो समझो।

किसी मूल्यवान लक्ष्य की लगातार प्राप्ति का नाम ही सफलता है। सफलता एक सफर है। मंजिल नहीं जहां पहुंचकर हम रुक जाए। एक लक्ष्य पाने के बाद हमारे सामने दूसरा लक्ष्य होता है। और फिर दूसरा। फिर दूसरा। फिर दूसरा। सफलता तो अपने भीतर महसूस होती है। यह अंदरूनी है, बाहरी नहीं। सफलता का सफर कितना अच्छा होगा यह हमारे लक्ष्य की मूल्यता के महत्व पर निर्भर है। यही हमारी सफलता को सही अर्थ और पूर्णता देता है। पूर्णता और संतोष के बिना सफलता अधूरी है। सफलता और खुशी हाथ में हाथ डाले चलती है। जो आप चाहते हैं, उसे पाना सफलता है, और जो आप पाते हैं उसे चाहना खुशी है। सिर्फ दिए जाने का नाम सफलता नहीं है यह इससे कहीं ज्यादा है।

 

Blog By : Ms. Pushpa Kumawat

Keywords :- मुस्कुराना, खुबसूरती, संयोग, नजरिया, गुणीजन।

Leave a Reply

Your email address will not be published.