चरित्र

चरित्र व्यक्ति के नैतिक मूल्यों विश्वासों और शख्सियत से मिलकर बनता है। यह हमारे व्यवहार और कार्यों में झलकता है। इसे दुनिया की बेशुमार दौलत से भी ज्यादा संभाल कर रखने की जरूरत होती है। जीतने के लिए चरित्र का Read more

अतिथि देवो भव:

भारत की संस्कृति सत्कार और सेवा की संस्कृति है। भारतीय आध्यात्मिकता की दृष्टि से जब कोई अतिथि बनकर हमारे यहां आता है तो उसके प्रति विनम्रता व शिष्टता तथा  उसे सम्मान देना हमारा कर्तव्य बन जाता है। हमारे यहां कहा Read more

बड़प्पन का भाव

रामायण में दिखाए गए 1 एपिसोड को देखकर मेरे मन में यहभाव आया किहमें हमेशा सभी के प्रति बड़प्पन का भाव रखना चाहिए !उसे हम इस प्रकार से समझ सकते हैं-कपि राज बाली से भयभीत सुग्रीव किष्किंधा के एक पर्वत Read more

कैसे करें ज्ञान की रचना

कल मैंने अपनी उच्च कक्षा के विद्यार्थियों पर एक छोटा सा प्रयोग किया। मैंने सभी विद्यार्थियों को अचानक से पूछा  अ से तो सभी विद्यार्थियों का एक साथ जवाब था अनार फिर मैंने पूछा आ से तो सभी ने फिर Read more

टी.वी. एवं मोबाइल संस्कृति

टी.वी. और मोबाइल संस्कृति आधुनिक सभ्यता की देन  है l मनोरंजन के वर्तमान समय में यह उत्तम साधन है प्राचीन काल में भारत में अनेक मनोरंजन के साधन थे l जैसे रामलीला मंडली, नाटक मंडली, नौटंकी, मदारियों के खेल इत्यादि Read more

ज्ञान का महत्व

शस्त्र का ज्ञान तभी तक काम आएगा जब तक वह चल रहा है लेकिन ‘शास्त्र’ का ज्ञान कभी रुकता नहीं चाणक्य ने उक्त कथन ठीक ही कहा है ! मैं ऐसा मानता हूं कि एक सामान्य जिंदगी जीने के लिए Read more

गुरु नानक देव का आशीर्वाद वर्तमान परिप्रेक्ष्य में

इस समय जब पूरा विश्व एक महामारी की चपेट में है। सम्पूर्ण विश्व एक सुर में हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी द्वारा इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए दिए गए प्रयासों की एक सुर में सराहना कर Read more

सफलता

सफलता सदा मुस्कुराना और सबको प्यार करना गुणीजनों का सम्मान पाना बच्चों के दिल में रहना सच्चे आलोचकों से स्वीकृति पाना झूठे दोस्तों की दगाबाजी को सहना खुबसूरती को सराहना दूसरों में खूबियां तलाशना किसी उम्मीद के बिना दूसरों के Read more

मनुष्य का प्रथम कर्तव्य:- अपने आप को पहचानना।

प्राचीन काल में संत महात्माओं एवं अन्य  योग पुरुषों ने इंसान की दुखद स्थिति को ध्यान में रखते हुए मनुष्य का जो सबसे पहला और प्रमुख कर्तव्य बताया वह बिल्कुल सही था। यूनानी विचारकों ने कहा यदि पूजा करना बहुत Read more