वर्तमान समय में हिंदी का घटता प्रभाव: अभिभावक और विद्यार्थियों की सोच

आज का समय बदलाव का समय है। हर क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है—चाहे वह शिक्षा हो, तकनीक हो या हमारी सोच। इसी बदलाव के दौर में हमारी मातृभाषा हिंदी का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता दिखाई दे रहा Read more

मानसिक स्वास्थ्य: एक अनदेखी समस्या

आज के आधुनिक और तेज-तर्रार जीवन में हम अपने शारीरिक स्वास्थ्य का तो ध्यान रखते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यही कारण है कि मानसिक स्वास्थ्य आज एक “अनदेखी समस्या” बनकर हमारे समाज के सामने Read more

भारतीय समाज और शिक्षा के क्षेत्र में अंग्रेज़ी भाषा की भूमिका

भारत देश ‘अनेकता में एकता’ वाला देश माना जाता है। यहाँ की संस्कृति एवं भाषा में विविधता ही इसकी पहचान है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में वैश्वीकरण और आर्थिक बदलाव के कारण एक विदेशी भाषा, अंग्रेज़ी ने भारतीय समाज एवं Read more

जलवायु परिवर्तन और हमारा भविष्य

आज का समय मानव इतिहास के सबसे संवेदनशील दौरों में से एक है, जहाँ विकास और विनाश एक साथ चल रहे हैं। एक ओर विज्ञान और तकनीक ने हमें अभूतपूर्व सुविधाएँ प्रदान की हैं, वहीं दूसरी ओर प्रकृति के साथ Read more

आज के डिजिटल युग में फ्रोबेल की विधि की प्रासंगिकता

आज का समय डिजिटल क्रांति का युग है। बच्चे अब पारंपरिक कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर स्मार्टफोन, टैबलेट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वर्चुअल लर्निंग के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या Read more

बाल-साहित्य का बच्चों पर प्रभाव

बाल साहित्य बच्चों के संपूर्ण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम होता है। यह बच्चों की मनोरंजन का एक साधन है क्योंकि यह बच्चों को बहुत प्रिय होता है। बाल साहित्य को बाल मनोभावों, कल्पनाओं एवं बालकों द्वारा की जाने वाली Read more

छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य: एक अनदेखी लेकिन गंभीर समस्या

आज का युग प्रतियोगिता का युग है। हर छात्र बेहतर अंक, अच्छे कॉलेज, सुरक्षित भविष्य और सामाजिक स्वीकृति की दौड़ में शामिल है। पढ़ाई के साथ-साथ अपेक्षाओं का बोझ इतना बढ़ गया है कि छात्र का मानसिक स्वास्थ्य धीरे-धीरे प्रभावित Read more

भारत में सोने चाँदी की बढ़ती क़ीमतों का मध्यम वर्ग पर प्रभाव

आमतौर पर भारत जैसे देश में जो कि फ़िलहाल विकासशील देशों की श्रेणी में है जहाँ एक निम्न वर्ग के व्यक्ति के लिए दो वक़्त के खाने का इंतज़ाम करना भी मुश्किल सा लगता है, वहाँ वर्तमान समय में वैश्विक Read more