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स्मृति शक्ति बढ़ाने के कौशल

आज का समय बहुत तेज़ है। मोबाइल की स्क्रीन, नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और ढेर सारी जानकारियाँ—हमारा दिमाग़ हर पल कुछ-न-कुछ ग्रहण कर रहा है। ऐसे में अगर हम कहें कि “याददाश्त कमज़ोर हो गई है”, तो यह पूरी तरह सच नहीं होता। सच तो यह है कि हमने अपने दिमाग़ को सही तरीक़े से इस्तेमाल...

21वीं सदी में सशक्त महिला की पहचान

21वीं सदी को परिवर्तन, तकनीक और जागरूकता का युग कहा जाता है। इस सदी में समाज के अनेक आयाम बदले हैं, और इन्हीं बदलावों के बीच महिला की पहचान भी एक नई दिशा में आगे बढ़ी है। आज की महिला केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह शिक्षा, राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक...

अंधविश्वास और भारतीय सामाजिक जीवन

भारतीय समाज विविधताओं से भरा हुआ है—यहाँ की संस्कृति, परंपराएँ, मान्यताएँ और जीवन-शैली अत्यंत समृद्ध हैं। किंतु इस समृद्धि के साथ-साथ कुछ ऐसी मान्यताएँ भी समाज में गहराई तक जड़ें जमाए हुए हैं, जो वैज्ञानिक दृष्टि से प्रमाणित नहीं हैं, फिर भी पीढ़ी दर पीढ़ी प्रचलित रहती आई हैं। इन्हीं मान्यताओं को हम भ्रमात्मक विश्वास...

उपनिषद और आधुनिक शिक्षा

वेद के तीन मुख्य विषय हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म। इन तीनों विषयों में से ज्ञान पक्ष का प्रतिपादन उपनिषदों में हुआ है। उपनिषद भारतीय दर्शन, संस्कृति और शिक्षा-परंपरा के आधार स्तंभ माने जाते हैं। ये वैदिक साहित्य का दार्शनिक भाग हैं, जिनमें जीवन, आत्मा, ब्रह्म, ज्ञान और मोक्ष से संबंधित गहन विचार प्रस्तुत किए...